कर्नाटक

Bellary : संयुक्त अभियान, 12 से अधिक बाल मजदूरों को कराया गया मुक्त

Kavita2
29 Jun 2026 1:19 PM IST
Bellary : संयुक्त अभियान, 12 से अधिक बाल मजदूरों को कराया गया मुक्त
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Karnataka कर्नाटक: बेल्लारी जिले में बाल और किशोर मजदूरी को समाप्त करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए एक संयुक्त अभियान में 12 से अधिक बाल मजदूरों को विभिन्न स्थानों से मुक्त कराया गया है। यह कार्रवाई जिले के कई हिस्सों में एक साथ की गई छापेमारी के दौरान सामने आई, जिसमें अधिकारियों ने कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों की जांच की।

अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), जिला बाल श्रम योजना, राजस्व विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) और पुलिस विभाग के संयुक्त सहयोग से चलाया गया। सभी विभागों ने समन्वय बनाकर बेल्लारी शहर सहित जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 20 से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों की जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर नाबालिगों से काम कराए जाने के संकेत मिले, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए 12 से अधिक बाल मजदूरों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित निकाला गया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि इन बच्चों को चाइल्ड एंड एडोलसेंट लेबर (प्रोहिबिशन एंड रेगुलेशन) एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए विभिन्न प्रकार के कामों में लगाया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान गुप्त सूचना और नियमित निगरानी के आधार पर चलाया गया, जिसमें कई टीमों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया था। छापेमारी के दौरान कई प्रतिष्ठानों में दस्तावेजों की भी जांच की गई और नियोक्ताओं से पूछताछ की गई।

बचाए गए सभी बच्चों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है, जहां उनकी देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने उनके लिए काउंसलिंग और पुनर्वास प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें और शिक्षा से दोबारा जुड़ सकें।

अधिकारियों ने कहा कि इन बच्चों को आगे संबंधित बाल कल्याण समितियों के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके बाद उन्हें उनके परिवारों से मिलाने और उनकी शिक्षा को फिर से शुरू कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में शामिल पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि जिले में बाल श्रम के खिलाफ नियमित अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ स्थानों पर अभी भी इस तरह की गतिविधियां सामने आ रही हैं। इसलिए अब निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

श्रम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ भी गंभीर समझौता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और उन्हें सुरक्षित माहौल देना प्रशासन की प्राथमिकता है।

इस अभियान के बाद जिले में अन्य व्यावसायिक इकाइयों में भी निरीक्षण तेज कर दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी बाल श्रम की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

कुल मिलाकर, बेल्लारी जिले में चलाया गया यह संयुक्त अभियान बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई को दर्शाता है, जिसमें न केवल बच्चों को मुक्त कराया गया बल्कि उनके पुनर्वास और शिक्षा की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं।

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